फतेहपुर का हाईप्रोफाइल जयराज हत्याकांड-9 साल का भरोसा बना मौत की वजह, मैनेजर निकला मास्टरमाइंड

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आपकी खबरें न्यूज,
फतेहपुर संवाददाता।

-सीसीटीवी और फॉरेंसिक साक्ष्यों से खुलासा, लेकिन पुलिस की सिंगल मर्डर थ्योरी पर उठे कई सवाल।
-नौ साल का भरोसा टूटा, जमीन के सौदे और लालच ने रची खौफनाक साजिश।
-पुलिस ने मैनेजर को बताया मास्टरमाइंड, शहर में चर्चा-अकेला कातिल या कोई और?।
-हत्या के बाद खोजबीन का नाटक, खुद यूपी-112 पर कॉल कर रच डाली चाल।
-बेखौफ बॉडी लैंग्वेज ने बढ़ाई हलचल, गहरी साजिश की आशंका बरकरार।
-कमीशन की लालच या सफेदपोश खेल? जयराज हत्याकांड अब भी रहस्य।

तांबेश्वर चौराहा क्षेत्र के चर्चित और हाईप्रोफाइल जयराज मान सिंह हत्याकांड का फतेहपुर पुलिस ने बुधवार को खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, इस सनसनीखेज वारदात का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि मृतक का सबसे करीबी और पिछले नौ वर्षों से उनके साथ साए की तरह रहने वाला मैनेजर अंकित मिश्रा ही निकला।
हालांकि पुलिस के इस दावे के बावजूद आरोपी की बेखौफ बॉडी लैंग्वेज और वारदात की निर्ममता ने पुलिस की ‘सिंगल मर्डर थ्योरी’ पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
विश्वास का कत्ल-टहलाने के बहाने बाग में रेता गला
एसपी अनूप कुमार सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सिविल लाइन निवासी 68 वर्षीय जयराज मान सिंह की हत्या पूरी तरह से सुनियोजित साजिश थी। आरोपी अंकित मिश्रा, निवासी तांबेश्वर नगर, डीएलएड पास है और यूपी पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था। सरकारी नौकरी का सपना देखने वाला यह युवक पिछले एक महीने से हत्या की योजना बना रहा था।
21 जनवरी की रात वह रोज़ की तरह जयराज मान सिंह को टहलाने के बहाने महर्षि विद्या मंदिर के पास स्थित सुनसान बाग में ले गया, जहां पहले पीछे से गला दबाया और फिर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर उनकी निर्मम हत्या कर दी।
शातिराना चाल-खुद ही बन गया खोजकर्ता
हत्या के बाद खुद को शक से बचाने के लिए आरोपी ने मृतक के नौकर के साथ मिलकर खोजबीन का नाटक किया और खुद यूपी-112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी, ताकि किसी को उस पर संदेह न हो।
सीसीटीवी और फॉरेंसिक बने कड़ी
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त चाकू, खून से सने कपड़े, बोलेरो कार, मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। एसपी के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो आरोपी टूट गया।
पुलिस का कहना है कि हत्या की वजह जमीन के सौदे में मोटा कमीशन और जल्दी अमीर बनने की लालच थी।
सवाल जो अब भी खड़े हैं
हालांकि पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है, लेकिन प्रबुद्ध जनमानस और स्थानीय लोगों के बीच कई सवाल अब भी कायम हैं। जिस बेरहमी से बुजुर्ग की हत्या की गई, वह किसी अकेले व्यक्ति के बस की बात नहीं लगती। क्या वारदात के वक्त मौके पर कोई और भी मौजूद था।
बेखौफ बॉडी लैंग्वेज बनी चर्चा का विषय
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरोपी का बेपरवाह और एटीट्यूड भरा व्यवहार किसी पेशेवर अपराधी जैसा प्रतीत हुआ। चेहरे पर न पछतावा, न डर- यह किसी बड़े बैकअप या गहरी साजिश की ओर इशारा करता नजर आया।
संपत्ति का खेल या सफेदपोश साजिश
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सिर्फ कमीशन की लालच में नौ साल पुराने भरोसे का कत्ल किया जा सकता है, या फिर इस हत्याकांड के पीछे कोई बड़ा सफेदपोश खिलाड़ी है, जिसके लिए अंकित सिर्फ एक मोहरा था।
एसपी अनूप कुमार सिंह ने कहा,
“मामला पूरी तरह सुनियोजित था। आरोपी ने आर्थिक लाभ के लिए हत्या की है। फिलहाल उसे जेल भेजा जा रहा है, लेकिन संपत्ति से जुड़े अन्य पहलुओं और नेटवर्क की गहराई से जांच जारी है।”
फिलहाल, भले ही पुलिस ने हत्याकांड सुलझाने का दावा कर लिया हो, लेकिन फतेहपुर की गलियों में आज भी यही सवाल गूंज रहा है
क्या जयराज मान सिंह का कातिल सच में अकेला अंकित था, या शतरंज की इस बिसात पर कुछ मोहरे अब भी बेनकाब होना बाकी हैं

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