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हुसैनगंज फतेहपुर संवाददाता।
-मनीष हत्याकांड में दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार, लाइसेंसी रिवॉल्वर की तलाश।
-असनी हत्याकांड: 24 घंटे में दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार, पुलिस महकमे में भी कार्रवाई।
-मनीष दुबे हत्याकांड में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, मुख्य आरोपी लखनऊ से गिरफ्तार।
हुसैनगंज थाना क्षेत्र के असनी गांव में शराब के ठेके पर हुए विवाद के बाद युवक मनीष दुबे की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने फरार चल रहे इन्द्रेश विक्रम सिंह उर्फ मन्नू सिंह और अमन सिंह उर्फ अखिलेंद्र विक्रम सिंह को लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र स्थित निजामपुर मल्हौर से गिरफ्तार किया है। पुलिस अब घटना में प्रयुक्त लाइसेंसी रिवॉल्वर की बरामदगी के लिए प्रयास कर रही है।
असनी गांव में शराब के ठेके के सेल्समैन गोवर्धन व उसके पुत्रों तथा गांव निवासी मनीष आदि के बीच विवाद हुआ था। विवाद की सूचना मिलने पर शराब ठेके के अनुज्ञापी परिवार के इन्द्रेश विक्रम सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस के अनुसार विवाद उस समय गाली-गलौज और मारपीट तक सीमित था।
विवाद की सूचना चौकी प्रभारी असनी उपनिरीक्षक अनीश शुक्ला को उनके मोबाइल पर रात 10:19:24 बजे दी गई थी। सूचना मिलने के बाद वह करीब रात 10:30 बजे घटनास्थल पर पहुंचे और इसके कुछ ही समय बाद पुनः विवाद की सूचना दी गई। पुलिस के अनुसार इसी दौरान विवाद बढ़ गया और इन्द्रेश द्वारा की गई गोलीबारी में मनीष पुत्र कामता की मौत हो गई।
सूचना के बावजूद प्रभावी कार्रवाई न करने का आरोप
पुलिस महानिरीक्षक प्रयागराज परिक्षेत्र प्रयागराज अनीश शुक्ला द्वारा जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि घटना से करीब 20 मिनट पहले विवाद की सूचना मिलने के बावजूद चौकी प्रभारी द्वारा मौके पर पहुंचकर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई और न ही समय से अन्य पुलिस बल को भेजा गया। मामले में अपर पुलिस अधीक्षक फतेहपुर द्वारा कराई गई जांच आख्या में चौकी प्रभारी असनी उपनिरीक्षक अनीश शुक्ला को दोषी पाए जाने के दृष्टिगत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, धाराएं बढ़ाईं
घटना के संबंध में हुसैनगंज थाने में मुकदमा अपराध संख्या 216/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक फतेहपुर के निर्देश, अपर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी नगर के मार्गदर्शन में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई थीं।
पूछताछ में इन्द्रेश विक्रम सिंह उर्फ मन्नू सिंह ने पुलिस को बताया कि असनी में उसकी भाभी कल्पना सिंह के नाम पर देशी शराब का ठेका है। घटना वाली रात मनीष अपने बेटे वैभव तिवारी सहित अन्य लोगों के साथ ठेके पर आया था। ठेका बंद होने के बाद शराब लेने को लेकर विवाद होने की बात सामने आई है।
पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच जमीन को लेकर भी पुरानी रंजिश थी। असनी गांव में मनीष के घर के सामने इन्द्रेश के ट्रस्ट की जमीन है, जिस पर पूर्व में श्री अश्विनी कुमार शिक्षा आश्रम नाम से स्कूल संचालित होने की बात पूछताछ में सामने आई। इसी रंजिश को लेकर विवाद बढ़ने का भी आरोप है।
अमन के उकसाने पर गोली मारने का आरोप
पुलिस के अनुसार पूछताछ में इन्द्रेश ने बताया कि विवाद के दौरान अमन सिंह ने मनीष को सभी विवादों की जड़ बताते हुए उसे खत्म करने की बात कही। इसके बाद इन्द्रेश ने अपनी भाभी संगीता देवी के नाम दर्ज लाइसेंसी रिवॉल्वर निकालकर मनीष के सीने में गोली मार दी।
घटना के बाद दोनों आरोपी वाहन से लखनऊ की ओर फरार हो गए। पुलिस के अनुसार घटना में प्रयुक्त रिवॉल्वर को पंकज पांडेय को छिपाकर रखने के लिए दिए जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस हथियार की बरामदगी के साथ पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
चार अन्य नाम भी प्रकाश में आए
पुलिस ने मामले में पंकज पांडेय, आशुतोष सिंह उर्फ चेतन सिंह, आशुतोष तिवारी और संगीता देवी के नाम भी प्रकाश में आने की बात कही है। इनकी गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस ने मुकदमे में धारा 253/238 बीएनएस तथा 30 आर्म्स एक्ट की बढ़ोतरी की है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और घटना में प्रयुक्त लाइसेंसी रिवॉल्वर की बरामदगी समेत अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।



