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लखनऊ संवाददाता।
सरोजनीनगर क्षेत्र के अलीनगर सुनहरा स्थित त्रिवेणी सामाजिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षिक संस्थान के विद्यालय परिसर में स्थापित मानव धर्म मंदिर के स्थापना दिवस के अवसर पर कवि सम्मेलन एवं शिक्षक सम्मान-2026 समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों, साहित्यकारों एवं समाजसेवियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के आयोजक एवं संस्थान के प्रबंधक रामानन्द सैनी ने कहा कि मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने बताया कि वह पूर्व में साइकिल यात्रा के माध्यम से पूरे भारत में भ्रमण कर चुके हैं। इसके साथ ही प्रत्येक वर्ष अपनी पत्नी मंजू सैनी के साथ गरीबों को कंबल और कपड़े वितरित करते हैं।
रामानन्द सैनी ने कहा कि निर्माणाधीन मानव धर्म मंदिर में श्रद्धालुओं से दान पेटिका में धन देने का आग्रह करने के बजाय गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए सादी कॉपियां दान करने की परंपरा विकसित की जाएगी। उनका उद्देश्य है कि जरूरतमंद बच्चे पढ़-लिखकर देशहित और देशप्रेम की भावना से आगे बढ़ें।
उन्होंने भगवान के स्वरूप की व्याख्या करते हुए कहा कि माता-पिता और गुरु को व्यक्तिगत भगवान का स्वरूप, जवान, किसान, विज्ञान और संविधान को देश में भगवान का स्वरूप तथा वन, जल, वायु और सूर्य को विश्व में भगवान का स्वरूप माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जीव और प्रकृति में परमात्मा का अंश विद्यमान है।
समारोह में प्रसिद्ध कवि कृष्ण कुमार मौर्य ‘सरल’, अनिल कुमार सिंह जायसवाल, पीके दिनकर, रवि दुबे, राकेश प्रताप सिंह, सुनीता चतुर्वेदी, मुकेशानंद और अजय कुमार सहित कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवियों की प्रस्तुतियों पर कार्यक्रम स्थल तालियों से गूंज उठा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एडवोकेट राम सिंह यादव, चेयरमैन ग्रुप ऑफ कॉलेजेज सरोजनीनगर ने मानव धर्म की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सेवा, सुरक्षा और सम्मान देना ही मानव धर्म का सर्वोच्च स्वरूप है। मानवता का बीज प्रत्येक व्यक्ति के हृदय में मौजूद है, जरूरत केवल उसे विकसित करने की है।
उन्होंने कहा कि व्यक्ति किसी भी सामाजिक, राजनीतिक, पारिवारिक अथवा धार्मिक दबाव में क्यों न हो, उसे मानवता का साथ नहीं छोड़ना चाहिए। समाज में सेवा और सम्मान की भावना को बढ़ावा देना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
मुख्य अतिथि ने आयोजक एवं कार्यक्रम में शामिल लोगों का आभार व्यक्त किया तथा उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मान पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। समारोह में बड़ी संख्या में शिक्षक, साहित्यकार, समाजसेवी एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।



