असनी हत्याकांड: मुख्य आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम, सात हिरासत में

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हुसैनगंज फतेहपुर संवाददाता।

-शव रख हाईवे पर प्रदर्शन से मचा हड़कंप, एसपी ने दो आरोपियों पर घोषित किया इनाम।
-मनीष दुबे हत्याकांड: सात हिरासत में, दो मुख्य आरोपियों पर इनाम घोषित।
-हाईवे पर शव रखकर गिरफ्तारी की मांग, एएसपी के आश्वासन पर खत्म हुआ जाम।
-शव रखकर फतेहपुर-लखनऊ हाईवे पर प्रदर्शन, गिरफ्तारी और बुलडोजर कार्रवाई की मांग, एएसपी के आश्वासन के बाद खत्म हुआ जाम।

हुसैनगंज थाना क्षेत्र के असनी गांव में मनीष दुबे हत्याकांड के बाद रविवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने के पश्चात अंतिम संस्कार के लिए जा रहे परिजनों ने फतेहपुर-लखनऊ हाईवे (एनएच-232) पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों ने मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की मांग की। करीब डेढ़ घंटे तक मार्ग पर जाम और तनाव की स्थिति बनी रही।
सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञान प्रकाश राय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से सीधे वार्ता की। उन्होंने परिजनों को निष्पक्ष, पारदर्शी और त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। अधिकारियों के समझाने और कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए और जाम समाप्त कराया गया। इसके बाद शव का शांतिपूर्ण वातावरण में अंतिम संस्कार कराया गया।


मुख्य आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम
पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने हत्याकांड के मुख्य आरोपी अमन सिंह और मनू सिंह पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस टीमें दोनों फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
एसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस का उद्देश्य केवल आरोपियों की गिरफ्तारी करना ही नहीं, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष विवेचना करना है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यदि आरोपियों की किसी संपत्ति में अवैध निर्माण अथवा राजस्व संबंधी अनियमितता सामने आती है तो संबंधित विभागों से समन्वय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आरोपियों को शरण देने वालों पर भी होगी कार्रवाई
पुलिस के अनुसार अब तक सात लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इनमें देशी शराब की दुकान का सेल्समैन गोवर्धन निषाद और मुख्य आरोपियों के कथित सहयोगी शामिल हैं। पुलिस इन सभी की घटना में भूमिका की जांच कर रही है।
एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने कहा कि फरार आरोपियों को छिपाने, शरण देने अथवा किसी भी प्रकार का सहयोग करने वालों को भी चिन्हित किया जा रहा है। ऐसे लोगों के खिलाफ भी कानून के अनुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
शराब ठेके के सामने विवाद के बाद हुई फायरिंग
प्रारंभिक जांच के अनुसार घटना की शुरुआत शराब ठेके के सामने मृतक मनीष दुबे के पुत्र वैभव और सेल्समैन गोवर्धन निषाद के पक्ष के लोगों के बीच कहासुनी से हुई थी। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। आरोप है कि इसी दौरान मनू सिंह ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से फायरिंग कर दी, जिसमें मनीष दुबे गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई।
गांव में पुलिस बल तैनात
घटना के बाद असनी गांव और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। थाना प्रभारी आलोक पांडेय पुलिस टीम के साथ लगातार मौके पर डटे रहे। पुलिस अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से संवाद बनाए रखते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया।
स्थानीय स्तर पर आरोपियों को कथित राजनीतिक संरक्षण मिलने की चर्चाएं भी सामने आई हैं, हालांकि पुलिस ने इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि विवेचना उपलब्ध साक्ष्यों, तकनीकी प्रमाणों और गवाहों के बयानों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।
एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने कहा कि मुख्य आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं और मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और प्रत्येक कार्रवाई कानून के दायरे में की जाएगी।

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