
आपकी खबरें न्यूज,
हुसैनगंज फतेहपुर संवाददाता।
हाइड्रोसिल ऑपरेशन के बाद 24 वर्षीय युवक की मौत से स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों ने निजी क्लिनिक के डॉक्टर पर गलत इलाज और घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि अब तक इस संबंध में कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। हुसैनगंज थाना क्षेत्र के गौरा कला गांव निवासी बिंदा प्रसाद के 24 वर्षीय पुत्र अमन रैदास का 2 फरवरी को मवई चौराहा स्थित एक निजी क्लिनिक में हाइड्रोसिल का ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के बाद युवक को घर भेज दिया गया। परिजनों के मुताबिक शुरू से ही उसकी तबीयत सामान्य नहीं थी और 6 फरवरी को अचानक उसकी हालत गंभीर हो गई। परिजन अमन को दोबारा उसी क्लिनिक में लेकर पहुंचे, जहां कथित तौर पर डॉक्टर ने हालत गंभीर बताते हुए इलाज करने से इंकार कर दिया और अन्यत्र ले जाने की बात कही। आरोप है कि इसी दौरान अमन की मौत हो गई। मृतक के भाई शिवांश का कहना है कि ऑपरेशन के दौरान कई इंजेक्शन लगाए गए, जिसके बाद से ही उसकी तबीयत बिगड़ने लगी थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौत के बाद क्लिनिक स्टाफ ने उन्हें वहां से जाने को कह दिया।
घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजन दोषी डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते समुचित उपचार मिलता तो अमन की जान बचाई जा सकती थी।
इस घटना के बाद एक बार फिर जिले में संचालित निजी क्लिनिकों की कार्यप्रणाली, मानकों की निगरानी और मरीजों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को ऐसे मामलों में सख्ती दिखानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।
हुसैनगंज थाना प्रभारी निरीक्षक आलोक कुमार पांडेय ने बताया कि अभी तक परिजनों की ओर से कोई लिखित तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


