प्राचीन माँ काली व गौतमेश्वर महादेव मंदिर को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग

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वाराणसी संवाददाता।

विश्व की आध्यात्मिक राजधानी काशी अपनी प्राचीन धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। इसी क्रम में गोदौलिया स्थित जगत जननी माँ काली स्वरूप अति प्राचीन मंदिर एवं गौतमेश्वर महादेव मंदिर को अतिक्रमण से मुक्त कर उनके संरक्षण और सुंदरीकरण की मांग जोर पकड़ रही है।
मंदिर संरक्षण से जुड़े लोगों का कहना है कि केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार जहां प्राचीन मंदिरों, तालाबों, कुंडों और अन्य धार्मिक धरोहरों के संरक्षण एवं सुंदरीकरण के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं, वहीं समाज की भी जिम्मेदारी है कि वह अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाए।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक मंदिर को अतिक्रमण से मुक्त कराने का विषय नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, आस्था और ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखने का प्रयास है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस विरासत से जुड़ सकें।
इस संबंध में काशी के सनातन प्रेमियों, धर्मप्रेमियों और जागरूक नागरिकों से गोदौलिया स्थित जगत जननी माँ काली एवं गौतमेश्वर महादेव के प्राचीन मंदिरों को अतिक्रमण से मुक्त कराने तथा उनके संरक्षण एवं सुंदरीकरण के अभियान में अधिक से अधिक संख्या में सहभागी बनने की अपील की गई है।
अभियान से जुड़े लोगों का मानना है कि जनसहयोग और सामूहिक प्रयास से ही इस प्रकार की धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण संभव है। उन्होंने काशीवासियों से अपनी आस्था और विरासत की रक्षा के लिए एकजुट होकर इस मुहिम का हिस्सा बनने का आह्वान किया।

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