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फतेहपुर संवाददाता।
-थाने के सामने से हो रहा अवैध मिट्टी खनन, प्रशासन मौन।
-थाने के सामने बेखौफ खनन माफिया सक्रिय, प्रशासन की नींद उड़ गई।
-फतेहपुर में राधानगर थाना क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन का खुला खेल।
-राधानगर थाने के सामने से मिट्टी चोरी, कार्रवाई का इंतजार।
-थाने के सामने से गुजर रहे मिट्टी से लदे ट्रैक्टर, जिम्मेदार चुप।
राधानगर थाना क्षेत्र में मिट्टी माफिया का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, और यह बात प्रशासन के तमाम आश्वासनों के बीच भी बयां हो रही है। हाल ही में तहसीलदार ने कहा है कि उन्होंने मामले की जांच के लिए नेपाल को निर्देशित किया है और वह स्वयं मौके पर जाकर कार्रवाई करेंगे, लेकिन इस मौके पर खनिज अधिकारी और स्थानीय पुलिस की मिलीभगत की चर्चा भी जोर-शोर से चल रही है। ऐसा लगता है कि केवल जांच कराने से ज्यादा कार्रवाई की जरूरत है, क्योंकि माफिया का नेटवर्क इतना संगठित और शक्तिशाली है कि वे अधिकारीयों की हर हरकत पर नजर रखते हैं और अपनी अवैध गतिविधियां जारी रखे हुए हैं। खनिज अधिकारी थाना पुलिस ने एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया था, जिसमें अधिकारियों की लोकेशन माफियाओं को लीक करते थे ताकि वे समय रहते अपना अवैध खनन जारी रख सकें। यह नेटवर्क फतेहपुर जैसे जिलों में फैला हुआ है, और उनके मोबाइल ग्रुप के माध्यम से लगातार सूचना ट्रांसफर होती रहती है। इस नेटवर्क को तोड़ने के प्रयास चल रहे हैं, लेकिन असली समस्या है सिस्टम में मौजूद भ्रष्टाचार और लापरवाही। स्थानीय थानों में भी अवैध खनन खुलेआम महोत्सव की तरह हो रहा है, जहां पुलिस और खनिज अधिकारियों की मिलीभगत के कारण माफिया बच निकलते हैं। थाना राधानगर क्षेत्र में तो पुलिस खनिज आरटीओ के बीच मिलीभगत की चर्चा आम है, जिससे क्षेत्रीय लोग काफी परेशान हैं और उन्हें न्याय मिलने में कठिनाई होती है। इसके अलावा, नहर विभाग की सरकारी जमीन से भी लाखों की मिट्टी चोरी हो रही है, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा है। तहसीलदार की उम्मीदवारी और मौके पर जांच के निर्देश भले ही सकारात्मक लगते हों, लेकिन जरूरी है कि वह और जिला प्रशासन बिना किसी भेदभाव के कठोर कार्रवाई करें। स्थानीय लोगों को माफिया के खिलाफ खड़ा होना होगा और प्रशासन की असमंजस में घिरी स्थिति को सुधारना होगा। अन्यथा मिट्टी माफिया का ये तांडव न केवल प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाता रहेगा, बल्कि सामाजिक और आर्थिक तौर पर भी पूरे क्षेत्र को कमजोर करता रहेगा।अब समय आ गया है कि उत्तर प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और जांच एजेंसियां मिलकर एक स्पष्ट और सख्त अभियान चलाएं, जिसमें माफिया के सभी संरक्षकों और उनके नेटवर्क को भी निशाना बनाया जाए। सिर्फ अफवाहों और जांच के निर्देशों से नहीं बल्कि खुलेआम खुली हुई माफियाओं को न्याय के कटघरे में लाकर ही इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। तहसीलदार की सक्रियता अच्छी बात है, पर इसे ठोस कार्यवाही और जनता के विश्वास के साथ जोड़ा जाना चाहिए ताकि फतेहपुर में मिट्टी माफिया का पूरा तंत्र खत्म हो सके और कानून व्यवस्था मजबूत हो सके।
वही जिम्मेदार अधिकारी तहसीलदार जी से बातचीत की गई उन्होंने बताया बहुत जल्द कार्रवाई की जाएगी

