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हुसैनगंज फतेहपुर संवाददाता।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि,एक दंपती समेत तीन संदिग्धों से पूछताछ।
हुसैनगंज कस्बे में पीसीपी इंटर कॉलेज के पीछे और प्राथमिक विद्यालय प्रथम के बगल में झाड़ियों के समीप मिले कय्यूम के शव के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है। इसके बाद मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ हत्या कर शव गायब करने के संदेह में मुकदमा दर्ज किया है। मामले में पुलिस ने एक दंपती समेत तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस आशनाई और आपसी रंजिश समेत विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, हुसैनगंज क्षेत्र के छेउका गांव निवासी चांदबाबू का पुत्र कय्यूम 12 अक्टूबर को मजदूरी करने के लिए घर से निकला था। काम नहीं मिलने पर वह वापस घर लौट आया। इसके बाद शाम करीब साढ़े चार बजे वह चौराहे की ओर जाने की बात कहकर निकला, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी तलाश की, मगर कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
16 अक्टूबर को पुलिस ने पीसीपी इंटर कॉलेज के पीछे और प्राथमिक विद्यालय प्रथम के बगल में झाड़ियों के पास से एक अज्ञात युवक का शव बरामद किया था। मृतक के बाएं हाथ पर लिखे नाम के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद परिजन मौके पर पहुंचे। सफेद चेकदार शर्ट, नीले रंग का लोअर और नीले रंग के अंडरवियर समेत अन्य पहचान संबंधी निशानियों के आधार पर पिता चांदबाबू ने शव की पहचान अपने पुत्र कय्यूम के रूप में की।
इसके बाद मृतक के पिता ने गांव के कमलेश गौतम, मन्नू दर्जी और फुर्रु उर्फ पृथ्वी के खिलाफ संदेह जताते हुए पुलिस को तहरीर दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने तीनों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया।
पुलिस ने मामले में कमलेश, उसकी पत्नी और एक अन्य संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। जांच में सामने आया है कि मृतक नामजद आरोपितों के साथ मजदूरी करता था। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि मजदूरी के दौरान किसी विवाद या आपसी रंजिश के चलते तो वारदात को अंजाम नहीं दिया गया।
मोबाइल सीडीआर से खंगाले जा रहे संपर्क
थाना प्रभारी निरीक्षक आलोक पांडेय ने बताया कि मृतक के पिता की तहरीर पर तीन लोगों के खिलाफ हत्या कर शव गायब करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। नामजद आरोपितों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के जरिए उनके संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस आशनाई और आपसी रंजिश समेत अन्य पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले का खुलासा करने में जुटी है।


