गंगा में डूबे दोनों किशोरों का दूसरे दिन भी नहीं मिला सुराग

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हुसैनगंज फतेहपुर संवाददाता।

हुसैनगंज थाना क्षेत्र के आलमपुर नरही गांव में गंगा नदी में डूबे दो किशोरों का दूसरे दिन भी कोई सुराग नहीं लग सका। लखनऊ से पहुंची एसडीआरएफ की दो यूनिट ने इंचार्ज बजरंग सिंह के नेतृत्व में सुबह से देर शाम तक नदी में सघन खोजबीन की, लेकिन दोनों किशोरों का पता नहीं चल पाया। जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें बच्चों की तलाश में लगातार जुटी रहीं। उधर, दोनों परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गौरतलब है कि आलमपुर नरही गांव निवासी पुष्पेंद्र पाल (13) पुत्र वीरेंद्र पाल और गजराज सेंगर (15) पुत्र बलबीर सेंगर मूर्ति विसर्जन के बाद गंगा नदी में नहाने के दौरान गहरे पानी में चले गए थे। घटना के बाद से ही उनकी तलाश की जा रही है।
चार बहनों के बीच इकलौता भाई था पुष्पेंद्र
पुष्पेंद्र पाल अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसके पिता वीरेंद्र पाल दिल्ली में निजी नौकरी करते हैं। वीरेंद्र पाल ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी बुधवार दोपहर करीब 2:30 बजे मिली। इसके बाद वह घर लौटने के लिए रवाना हुए और गुरुवार सुबह गांव पहुंच सके।
पुष्पेंद्र के पिता चार भाई हैं। परिवार में पुष्पेंद्र इकलौता बेटा था और उसकी तीन चचेरी बहनों सहित चार बहनों के बीच वह अकेला भाई था। पुष्पेंद्र से एक बड़ी बहन भी है। परिवार के इकलौते बेटे के लापता होने से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
दो भाइयों में छोटा था गजराज
दूसरा किशोर गजराज सेंगर दो भाइयों में छोटा था। उसका बड़ा भाई अखिलेश सेंगर बाहर रहकर निजी नौकरी करता है। गजराज के लापता होने से परिवार के लोग भी गहरे सदमे में हैं और उसकी सलामती की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
एसडीएम ने स्टीमर से लिया जायजा
दोनों किशोरों की तलाश के लिए जिला प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। गुरुवार सुबह करीब नौ बजे एसडीएम मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्टीमर से आलमपुर नरही से रामचंदन गंगा घाट तक खोजबीन कराई, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
इसके बाद थाना प्रभारी निरीक्षक भी दोपहर करीब एक बजे एसडीआरएफ टीम के साथ असनी गंगा पुल के नीचे पहुंचे। वहां से स्टीमर के जरिए आलमपुर नरही गांव के सामने नदी में कांटा डालकर तलाश कराई गई। टीम ने रामचंदन और भदसरी गांव तक दो चक्कर लगाए, लेकिन देर शाम तक दोनों किशोरों का कोई सुराग नहीं मिला।
प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें लगातार खोजबीन में जुटी रहीं। हालांकि, दूसरे दिन भी दोनों बच्चों का पता नहीं चलने से परिजनों की बेचैनी बढ़ती जा रही है।

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