आपकी खबरें न्यूज,
बहराइच संवाददाता।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के सुजौली रेंज अंतर्गत अयोध्यापुरवा गांव में तेंदुए के हमले से सनसनी फैल गई। खेतों के रास्ते शादी समारोह में जा रहे 8 वर्षीय बालक पर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। पिता की बहादुरी और सूझबूझ से बालक की जान बच गई, हालांकि वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
जानकारी के अनुसार अयोध्यापुरवा निवासी अजमत अली अपने बेटे फरजान (8) के साथ पड़ोस में आयोजित शादी की दावत में जा रहे थे। दोनों खेतों के बीच बने रास्ते से गुजर रहे थे कि गांव की पुलिया के पास खेत से निकलकर तेंदुए ने अचानक बच्चे पर हमला कर दिया।
बताया गया कि तेंदुए ने फरजान को दबोच लिया, लेकिन पिता अजमत अली ने हिम्मत नहीं हारी और बेटे का हाथ पकड़े हुए तेंदुए से भिड़ गए। संघर्ष के दौरान उन्होंने किसी तरह तेंदुए को दूर धकेल दिया और बच्चे को उसके चंगुल से छुड़ा लिया। हमले में बालक के गले, गर्दन और सिर में गहरे घाव हो गए।
परिजनों ने तत्काल घायल बच्चे को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुजौली पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिहिपुरवा रेफर किया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए बहराइच मेडिकल कॉलेज भेज दिया।
ग्रामीणों में दहशत
घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि घटना के समय बिजली आपूर्ति बाधित थी, जिससे क्षेत्र में अंधेरा छाया हुआ था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लगातार बिजली कटौती के कारण जंगली जानवर आबादी क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं और लोगों की जान खतरे में पड़ रही है।
वन विभाग अलर्ट
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और गांव के आसपास कांबिंग अभियान शुरू कर दिया। वन क्षेत्राधिकारी रोहित यादव ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए जल्द ही पिंजरा लगाया जाएगा। वहीं वन दरोगा अनिल कुमार द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोतीपुर में पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता के रूप में पांच हजार रुपये प्रदान किए गए हैं।
ग्रामीणों ने वन विभाग और बिजली विभाग से सुरक्षा के ठोस इंतजाम करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


