25 हजार के इनामी बीएचयू छात्र नेता क्षितिज उपाध्याय को कोर्ट से राहत

आपकी खबरें न्यूज,
वाराणसी संवाददाता।

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के बिरला ‘अ’ छात्रावास के गेट पर छात्र पर पिस्टल से जानलेवा हमला करने के मामले में 25 हजार रुपये के इनामी रहे छात्र नेता क्षितिज उपाध्याय को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अपर जिला जज (पंचम) यजुवेंद्र विक्रम सिंह की अदालत ने आरोपित को 50-50 हजार रुपये की दो जमानतें एवं बंधपत्र दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिया। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव व चंद्रबली पटेल ने पैरवी की।
प्रकरण के अनुसार बीएचयू में बीए तृतीय वर्ष के छात्र रोशन मिश्रा ने लंका थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि 21 फरवरी 2026 की रात करीब 9 से 9:30 बजे वह अपने साथी विशाल के साथ बिरला ‘अ’ छात्रावास के गेट पर खड़ा था। इसी दौरान मोटरसाइकिल से पीयूष कुमार तिवारी निवासी सासाराम, ऋषभ और तपस वहां पहुंचे और कथित रूप से जान से मारने की नीयत से पिस्टल से गोलियां चलाने लगे।
वादी के अनुसार एक गोली उसके सिर के पास से जबकि दूसरी छाती के बगल से निकल गई। जान बचाने के लिए वह छात्रावास के अंदर भागा तो पीछे से भी गोलियां चलाई गईं। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि घटना पूर्व निष्कासित छात्र क्षितिज उपाध्याय और अभिषेक उपाध्याय के इशारे पर की गई।
घटना के बाद पुलिस ने सभी आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस के अनुसार क्षितिज उपाध्याय काफी समय से फरार चल रहा था। उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी होने के साथ ही 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। बाद में आरोपित ने अपने अधिवक्ताओं अनुज यादव और चंद्रबली पटेल के माध्यम से कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था, जिसके बाद उसे जेल भेजा गया था।
अब अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद क्षितिज उपाध्याय को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।

error: Content is protected !!