धरने में शामिल होने से पहले प्रधान संगठन जिलाध्यक्ष पुलिस हिरासत में

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आपकी खबरें न्यूज,
फतेहपुर संवाददाता।

ग्राम प्रधानों के कार्यकाल बढ़ाए जाने की मांग को लेकर राजधानी लखनऊ में प्रस्तावित प्रदेशव्यापी धरने में शामिल होने की आशंका के चलते पुलिस प्रशासन ने अखिल भारतीय प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष नदीम उद्दीन पप्पू एडवोकेट सहित कई ग्राम प्रधानों को हिरासत में ले लिया।
जिलाध्यक्ष को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की सूचना मिलते ही अधिवक्ताओं में रोष व्याप्त हो गया। मामले की जानकारी होने पर जिला बार एसोसिएशन ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने जिलाध्यक्ष को कोतवाली से रिहा कर उनके आवास भेज दिया। हालांकि देर शाम तक उन्हें आवास पर ही पुलिस अभिरक्षा में रखा गया और घर के आसपास पुलिस बल की तैनाती भी जारी रही।
जिलाध्यक्ष नदीम उद्दीन पप्पू एडवोकेट ने फोन पर बताया कि पंचायत चुनाव में हो रही देरी के कारण ग्राम प्रधानों के कार्यकाल बढ़ाने की मांग को लेकर 20 मई को राजधानी लखनऊ में प्रदेश स्तरीय धरना प्रस्तावित था। उनका आरोप है कि धरने में शामिल होने से रोकने के उद्देश्य से सुबह पुलिस ने उन्हें आवास से बुलाकर कोतवाली पहुंचाया और हिरासत में ले लिया।
उन्होंने बताया कि जिला बार एसोसिएशन के हस्तक्षेप के बाद उन्हें औपचारिक रूप से रिहा कर ‘हाउस अरेस्ट’ कर दिया गया। इस दौरान उनके आवास पर मिलने पहुंचे ग्राम प्रधान स्वामी शरण पाल, जितेंद्र सिंह, सोनू, सुरेंद्र और उमाशंकर समेत अन्य प्रधानों को भी पुलिस ने वहीं नजरबंद कर दिया।
बताया जा रहा है कि जिले में पंचायत चुनाव और प्रधानों के कार्यकाल को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं, जिसके चलते प्रशासन अलर्ट मोड पर है।

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