नाबालिक के संरक्षण विवाद में पीछा बना काल, सड़क हादसे में तीन की मौत, चार घायल

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बिन्दकी फतेहपुर संवाददाता।

बिन्दकी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कोरवा में सोमवार को नाबालिग बच्ची के संरक्षण को लेकर चल रहा पारिवारिक विवाद खूनी हादसे में बदल गया। दो पक्षों के बीच पीछा करने के दौरान हुए सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
पुलिस के अनुसार 9 अप्रैल को कानपुर निवासी अंजू सोनी ने चौकी जोनिहा में अपनी 14 वर्षीय सौतेली पुत्री के गायब होने की सूचना दी थी। जांच में पता चला कि किशोरी अपनी मौसी गीता देवी के पास रह रही थी और पिछले कुछ समय से फरीदपुर निवासी शशी के यहां ठहरी हुई थी। बच्ची के संरक्षण तथा उसकी शादी को लेकर परिवार में पहले से विवाद चल रहा था।
इसी प्रकरण में 12 अप्रैल को दोनों पक्षों को चौकी जोनिहा बुलाया गया। पूछताछ के दौरान नाबालिग ने शशी के साथ रहने की इच्छा जताई। इसके बाद पुलिस ने उसे शशी के साथ भेजते हुए दोनों पक्षों को न्यायालय की शरण लेने की सलाह दी।
चौकी से निकलने के बाद द्वितीय पक्ष के दीपक अपनी कार से जा रहे थे। आरोप है कि कस्बा जोनिहा में प्रथम पक्ष के कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी रोकने का प्रयास किया। इससे बचने के लिए दीपक बिन्दकी की ओर भागे, जबकि पीछे से मोटरसाइकिल सवार लोगों ने उनका पीछा शुरू कर दिया।
ग्राम कोरवा के पास ओवरटेक के दौरान मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में सत्यवान, मनोज सोनी और अन्नू सोनकर गंभीर रूप से घायल हो गए। मनोज और अन्नू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सत्यवान ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
वहीं दूसरी मोटरसाइकिल पर सवार सुरेन्द्र, उसकी बहन ममता तथा उसके दो बच्चे अर्पित और पल्लवी घायल हो गए। सभी घायलों का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पूरे घटनाक्रम को पारिवारिक विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।

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