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फतेहपुर संवाददाता।
आबूनगर रेडइया मोहल्ले स्थित नबाव अब्दुल समद मकबरे को लेकर सोमवार को बड़ा बवाल खड़ा हो गया। मठ मंदिर संघर्ष समिति और हिंदू संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ता भाजपा जिला अध्यक्ष मुखलाल पाल और पूर्व विधायक विक्रम सिंह के नेतृत्व में डाक बंगले से जुलूस निकालते हुए विवादित स्थल पहुंचे। यहां हनुमान चालीसा का पाठ, नारियल फोड़ना और धार्मिक नारेबाजी की गई। इस दौरान हिंदू महासभा के प्रांत उपाध्यक्ष मनोज त्रिवेदी समर्थकों के साथ मकबरे के अंदर घुसे और आरती-पाठ किया। आरोप है कि भीड़ ने अंदर बनी दो मजारों को डंडे से तोड़ दिया।
स्थिति बिगड़ने पर मकबरे के दाहिनी ओर मुस्लिम पक्ष की भीड़ जुट गई। दोनों पक्ष आमने-सामने आने पर पथराव की घटना हुई, हालांकि कोई घायल नहीं हुआ। मौके पर पहले से बैरिकेडिंग और पुलिस बल तैनात था, लेकिन भीड़ के आगे इंतजाम नाकाफी साबित हुए। डीएम रविंद्र सिंह, एसपी अनूप कुमार सिंह और कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची और हालात काबू करने में जुटी रही। हिंदू पक्ष का दावा है कि इस स्थल पर हजारों साल पहले भगवान शिव और श्रीकृष्ण का मंदिर था, जिसे तोड़कर मकबरा बनाया गया। वहीं राष्ट्रीय ओलमा काउंसिल के सचिव मोहम्मद नसीम का कहना है कि मकबरा सदियों पुराना है और सरकारी दस्तावेज में दर्ज है। उन्होंने घटना को निंदनीय करार देते हुए कहा कि क्या अब हर मस्जिद और मकबरे के नीचे मंदिर ढूंढा जाएगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक प्रयागराज डॉ. संजीव गुप्ता ने घटनास्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को शांति बनाए रखने के निर्देश दिए। कोतवाली नगर द्वारा 10 नामजद और 150 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है, जबकि प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी है।
