चौकी इंचार्ज की मनमानी,न्यायालय गाड़ी रिलीज के 24 घंटे तक नहीं मिली गाड़ी

Spread the love

आपकी खबरें न्यूज
वाराणसी (भेलूपुर), संवाददाता।

-वाहन से संबंधित सभी वैध कागजात दिखने के बाद गाड़ी किया सीज।
-जबरन गाड़ी पर बैठाकर फोटो खींच गाड़ी किया सीज।
-न्यायालय से गाड़ी रिलीज होने के 24 घंटे बाद रात में 8:30 युवक दी गई बाइक।

धार्मिक स्थल से दर्शन कर लौट रहे युवक के साथ भेलूपुर थाना क्षेत्र के खोजवां चौकी पर कथित रूप से पुलिस की मनमानी का मामला सामने आया है। युवक का आरोप है कि चौकी इंचार्ज ने बिना उचित कारण के उसकी गाड़ी सीज कर दी, जबकि मौके पर ही उसने अपने वाहन से संबंधित सभी वैध कागजात दिखा दिए थे।
युवक कि गाड़ी का पिछला नंबर प्लेट दूसरी गाड़ी की टक्कर से गिर गया था, जिसे उसने मौके पर दिखाया था। इसके बावजूद चौकी इंचार्ज ने कथित रूप से जबरन उसे गाड़ी पर बैठाकर फोटो खींची और वाहन को थाने भेज दिया।
कोर्ट से मिला न्याय, फिर भी थाने का चक्कर
युवक ने इस मामले में न्यायालय की शरण ली, जहां कागजात की वैधता साबित होने पर अदालत ने गाड़ी रिलीज करने का आदेश दिया। वाहन स्वामी विनायक का कहना था कि उसने कोर्ट के आदेश के साथ समस्त दस्तावेज थाना परिसर में जमा कर दिए इसके बावजूद उसे अब तक गाड़ी नहीं सौंपी गई है।

थाने पर टालमटोल, हर बार नई बहानेबाजी
पीड़ित युवक का आरोप है कि वह बीते कई दिनों से सुबह से शाम तक थाने के चक्कर काट रहा है। हर बार उसे अलग-अलग बहानों से टरका दिया जाता है। साहब अभी नहीं हैं कल आना, अभी व्यस्त हैं शाम को देखेंगे जैसी बातों से उसे लगातार भ्रमित किया जा रहा है।
पत्रकार सहयोगी से ऐसा व्यवहार, तो आमजन से क्या उम्मीद
एक पत्रकार के क्षेत्रीय सहयोगी हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब मीडिया से जुड़े व्यक्ति के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है, तो आम नागरिकों को किस प्रकार की स्थिति का सामना करना पड़ता होगा। यह घटना पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

error: Content is protected !!