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वाराणसी संवाददाता।
प्रख्यात शिक्षाविद एवं सुप्रसिद्ध शैक्षिक हस्ती प्रोफेसर अजीत कुमार चतुर्वेदी को काशी हिंदू विश्वविद्यालय का 29वां कुलपति नियुक्त किया गया है। बृहस्पतिवार को विश्वविद्यालय को भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय से उनकी नियुक्ति संबंधी आधिकारिक सूचना प्राप्त हुई। वर्तमान में कुलगुरू प्रोफेसर संजय कुमार कार्यवाहक कुलपति के रूप में कार्यरत हैं। प्रोफेसर चतुर्वेदी का बतौर अनुसंधानकर्ता, शिक्षक एवं अकादमिक प्रशासक के रूप में लगभग तीन दशकों का उपलब्धिपूर्ण करियर है। उन्होंने कई प्रतिष्ठित संस्थानों का नेतृत्व किया है और अपने मातृ संस्थान में भी महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए संस्थागत विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया है। प्रोफेसर चतुर्वेदी ने अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत काशी हिंदू विश्वविद्यालय से ही की थी, जिसे अब वे नेतृत्व देने जा रहे हैं। उन्होंने 1994 से 1996 तक इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी-बीएचयू (वर्तमान में आईआईटी-बीएचयू) के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग में सेवा दी। इसके बाद वे आईआईटी रुड़की के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग से बतौर शिक्षक जुड़े। वर्ष 1999 में वे आईआईटी कानपुर चले गए,

जहाँ उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष, डीन, अनुसंधान एवं विकास, तथा संस्थान के उप-निदेशक जैसे अनेक महत्वपूर्ण प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन किया। जनवरी 2017 से अक्टूबर 2022 तक वे आईआईटी रुड़की के निदेशक रहे। इस अवधि के दौरान उन्होंने आईआईएएस शिमला (जनवरी 2017 से अगस्त 2018) तथा आईआईटी मंडी (जुलाई 2020 से जनवरी 2022) के निदेशक का दायित्व भी संभाला। प्रोफेसर चतुर्वेदी ने आईआईटी कानपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक. (1986), एम.टेक. (1988) और पीएच.डी. (1995) की उपाधियाँ प्राप्त की हैं। वे बीएसएनएल-आईआईटी कानपुर टेलीकॉम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के समन्वयक भी रहे हैं, जिसके अंतर्गत भारतीय दूरसंचार क्षेत्र से जुड़े कई परियोजनाएं सम्पन्न की गईं। प्रोफेसर चतुर्वेदी को शिक्षण एवं अनुसंधान में उत्कृष्ट योगदान के लिए कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है, जिनमें इनसा टीचर्स अवार्ड, आईआईटी कानपुर का डिस्टिंग्विश्ड टीचर अवार्ड तथा नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, सिंगापुर, से प्राप्त तान चिन तूआन फैलोशिप प्रमुख हैं। वे टेलीकॉम स्टैंडर्ड्स डेवलपमेंट सोसाइटी ऑफ इंडिया (TSDSI) के संस्थापक सदस्य भी रहे हैं। इसके अतिरिक्त, वे भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा गठित उस समिति के सदस्य भी थे, जिसने वर्ष 2008 में दूरसंचार ऑपरेटरों को स्पेक्ट्रम आवंटन के मानदंडों की सिफारिश की थी। उनका शोध क्षेत्र संचार सिद्धांत और वायरलेस कम्युनिकेशन है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिवार, प्रोफेसर चतुर्वेदी को कुलपति नियुक्त किए जाने पर हार्दिक बधाई देता है और बीएचयू परिसर में उनके आत्मीय स्वागत के लिए उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रहा है।


