वाहन स्टैंड बना अवैध वसूली का अड्डा, राजस्व को लगा रहे चूना, प्रशासन मौन

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विंध्याचल मिर्जापुर संवाद सूत्र।

मिर्जापुर में आस्था का केंद्र विंध्याचल मंदिर इन दिनों अव्यवस्था और भ्रष्टाचार की गिरफ्त में है। श्रद्धालुओं के साथ हो रही बदसलूकी और नगर पालिका के अधिकारियों की मिलीभगत से हो रही अवैध वसूली ने पूरे तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार विंध्याचल स्थित नगर पालिका की भूमि पर बीते 6 वर्षों से नगर पालिका अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी अपने चहेतों के माध्यम से बिना किसी वैध टेंडर के अवैध वसूली करवा रहे हैं। पहले यह वसूली नगर पालिका वाहन स्टैंड पर टेंडर के जरिए नियमानुसार की जाती थी, जिससे सरकारी राजस्व की प्राप्ति होती थी। लेकिन अब यह पूरी व्यवस्था भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है।
आश्चर्य की बात यह है कि यह सब करोड़ों रुपए के राजस्व नुकसान के बावजूद जिले के आला अधिकारी मौन है, स्थानीय लोगों और दर्शनार्थियों में यह गंभीर चिंता का विषय बन चुका है कि आखिर प्रशासन आंख मूंदे क्यों बैठा है।
श्रद्धालुओं से की जा रही बदसलूकी और मनमानी वसूली ने विंध्याचल मंदिर की पवित्रता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। न तो कोई मानक दर है, न कोई निगरानी-जिसे जो मन में आए, वह वसूल रहा है। कई यात्रियों ने इसे लेकर शिकायत भी की पर प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
जिलाधिकारी और एडीएम इस मामले को गंभीरता से लें और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएं। साथ ही जो अधिकारी दोषी हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आस्था की इस नगरी की गरिमा बनी रहे।

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