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उन्नाव संवाददाता।
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर उद्घाटन के महज 12 दिन बाद सड़क धंसने का मामला सामने आया है। उन्नाव जिले के अचलगंज थाना क्षेत्र के कोरारी इलाके में लखनऊ जाने वाली लेन पर सड़क का एक हिस्सा धंस गया। समय रहते मामला सामने आने से बड़ा हादसा टल गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन और निर्माण एजेंसी में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। शनिवार 25 जुलाई को अचलगंज-कोरारी टोल प्लाजा से करीब एक किलोमीटर आगे किलोमीटर संख्या 64.4 पर लखनऊ लेन में सड़क का लगभग 5 से 7 मीटर हिस्सा नीचे बैठ गया। कुछ स्थानीय रिपोर्टों में टोल प्लाजा के पास दो स्थानों पर सड़क धंसने की भी बात कही गई है।
घटना का वीडियो समाजवादी पार्टी के नेता मधुसूदन यादव ने सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद विपक्ष ने सरकार पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए। कांग्रेस ने भी अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से वीडियो साझा करते हुए घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
सूचना मिलते ही निर्माण एजेंसी पीएनसी और पटेल इन्फ्रास्ट्रक्चर की टीमें मौके पर पहुंचीं। जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से क्षतिग्रस्त हिस्से की पुरानी डामर परत हटाकर नई परत बिछाने का काम शुरू कर दिया गया। वाहन चालकों की सुरक्षा को देखते हुए प्रभावित हिस्से पर बैरिकेडिंग कर दी गई है।
एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर वी. कुंडू ने बताया कि पहली बारिश के कारण तकनीकी समस्या उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि मरम्मत का कार्य तेजी से कराया जा रहा है और जल्द ही सड़क पूरी तरह सामान्य कर दी जाएगी।
गौरतलब है कि उद्घाटन से पहले 10 जुलाई को भी एक्सप्रेसवे के किनारों की मिट्टी बहने की खबरें सामने आई थीं। उस समय समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे, जबकि एनएचएआई के तत्कालीन परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा ने उन आरोपों का खंडन किया था। अब उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सड़क धंसने की घटना ने एक बार फिर एक्सप्रेसवे के निर्माण की गुणवत्ता पर बहस छेड़ दी है।

