रेलवे पेंशनरों के लिए वाराणसी मंडल में डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र (DLC) 4.0 कार्यशाला आयोजित

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वाराणसी संवाददाता।

सेवानिवृत्त रेलवे पेंशनरों की सुविधा हेतु रेलवे बोर्ड द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र अभियान (DLC) 4.0 को गति देने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल में डिजिटल जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है। इसी क्रम में आज न्यू लोको कॉलोनी स्थित इंद्रप्रस्थ समुदाय हाल में मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन की अध्यक्षता में डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र (DLC) 4.0 विषय पर एक विस्तृत कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का संयोजन वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी अभिनव कुमार सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक राजेश कुमार, यूनियन बैंक के अपर महाप्रबंधक प्रेम नाथ राय, बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक मो. शाहदाब आलम, स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक शशांक प्रताप, पूर्वोत्तर रेलवे पेंशनर्स एसोसिएशन के मंडल अध्यक्ष श्री प्रदीप कुमार श्रीवास्तव तथा विभिन्न यूनियन प्रतिनिधि उपस्थित रहे। डीआरएम ने बताया-DLC अभियान पेंशनरों के लिए बड़ी सुविधा कार्यशाला को संबोधित करते हुए मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन ने कहा कि Nationwide Digital Life Certificate Campaign 4.0 का उद्देश्य पेंशनरों को जीवन प्रमाण-पत्र जमा करने की जटिल प्रक्रिया से मुक्ति दिलाना है। उन्होंने कहा कि मोबाइल और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से DLC प्राप्त करने की सुविधा ने पेंशनरों का काम काफी आसान किया है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि पेंशनरों को बैंक या कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। कार्मिक विभाग द्वारा तैयार प्रस्तुति में डिजिटल ऐप्स और उनकी प्रक्रिया विस्तार से समझाई जाएगी, ताकि पेंशनर स्वयं आसानी से प्रमाण-पत्र अपलोड कर सकें। डीआरएम ने बताया कि वाराणसी मंडल में अधिकांश पेंशनरों का DLC बनाया जा चुका है और शेष बचे पेंशनरों को भी चिन्हित कर शीघ्रता से यह कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बैंकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आधार, पैन और मोबाइल नंबर से अपडेटेड बैंक खाते होने के कारण पेंशनरों का DLC शीघ्रता से बनाया जा सकता है। कार्मिक विभाग 100% DLC पूरा करने पर जोर कार्यशाला में वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी अभिनव कुमार सिंह ने कहा कि मंडल के सभी बैंक डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र का कार्य 100% पूरा करें ताकि पेंशनरों को किसी भी प्रकार की समस्या न हो। उन्होंने निर्देश दिया कि बैंकों द्वारा तैयार प्रेजेंटेशन का वीडियो बनाकर सभी पेंशन खाताधारकों को भेजा जाए, विशेषकर ग्रुप-डी पेंशनरों को हिंदी में वीडियो उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने बताया कि अब पेंशनर्स Jeevan Pramaan App के जरिए घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से अपना जीवन प्रमाण-पत्र आसानी से जमा कर सकते हैं, जो पूरी तरह पेपरलेस और सुरक्षित प्रक्रिया है।
वित्त विभाग-रेलवे पेंशनरों की सुविधा सर्वोपरि वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक राजेश कुमार ने कहा कि रेलवे प्रशासन का उद्देश्य पेंशनरों को किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाना है। डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र बनने पर यह सीधे बैंक और रेलवे दोनों में स्वतः अपडेट हो जाता है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष लगभग 3.75 लाख डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा हुए थे और इस वर्ष भी व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
व्यापक प्रस्तुति के माध्यम से समझाई गई पूरी प्रक्रिया
कार्यशाला में कार्मिक विभाग द्वारा डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट की संपूर्ण प्रक्रिया-
ऐप डाउनलोड, PPO एवं बैंक विवरण भरना, आधार आधारित फेस या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन
को क्रमबद्ध रूप से समझाया गया। एक बार DLC बनने के बाद यह स्वतः पेंशन वितरण एजेंसी (PDA) तक पहुँच जाता है। पेंशनर एसोसिएशन और बैंक अधिकारियों का योगदान पूर्वोत्तर रेलवे पेंशनर्स एसोसिएशन के मंडल अध्यक्ष प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि ऑनलाइन जीवन प्रमाण-पत्र बनाना बेहद आसान और पारदर्शी प्रक्रिया है। पेंशनरों को इसका लाभ अवश्य उठाना चाहिए। बैंक अधिकारियों ने पेंशनरों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और DLC प्रक्रिया में दिए जा रहे सहयोग की जानकारी दी। स्टेट बैंक के प्रतिनिधि द्वारा पावर पॉइंट प्रजेंटेशन भी प्रस्तुत किया गया।
समापन: कार्यशाला में कार्मिक, लेखा, बैंक, यूनियन तथा पेंशनर एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में पेंशनर उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी अभिनव कुमार सिंह द्वारा किया गया।

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