एससी वर्ग के लिए आरक्षित दुकान का चयन विवादों में, डीएम को सौंपा गया आपत्ति पत्र

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आपकी खबरें न्यूज,
फतेहपुर संवाददाता।

-लालीपुर में कोटेदार चयन पर बवाल, दबंगई और मिलीभगत के आरोप तीखे।
-दबाव में हुआ उचित दर विक्रेता चयन? ग्रामीणों ने डीएम से निरस्तीकरण की मांग की।
-लालीपुर ग्रामसभा में नियम ताक पर, एकतरफा घोषणा पर ग्रामीणों का विरोध।
-दबंगों के भय में हुई ग्रामसभा? कोटेदार चयन को लेकर विवाद गहरा।
-अनियमितताओं के आरोपों से घिरी लालीपुर की चयन प्रक्रिया, जांच की मांग तेज।
-ग्रामसभा में हंगामा: दबंगों पर चयन प्रक्रिया प्रभावित करने का आरोप।
-लालीपुर में कोटेदार चयन पर गंभीर सवाल, अधिकारियों की भूमिका पर भी उंगली।
-एफआईआर की प्रतियां लेकर पहुंचे ग्रामीण, निष्पक्ष चयन और जांच की मांग।
-भय के माहौल में हुई बैठक? ग्रामीण बोले-दबंगों ने कराया एकतरफा चयन।

भिटौरा विकास खंड के ग्राम लालीपुर में उचित दर विक्रेता (कोटेदार) के चयन को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों ने शासनादेशों की अनदेखी, अधिकारियों की मिलीभगत और दबंगई के दबाव में चयन प्रक्रिया प्रभावित होने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को आपत्ति पत्र सौंपा है।
प्रार्थी आकाश कुमार सोनकर, निवासी लालीपुर ने बताया कि गांव की खुली बैठक में अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित उचित दर विक्रेता की दुकान का चयन नियमों के विपरीत किया गया। आरोप है कि बैठक में बिना प्रक्रिया अपनाए एकतरफा घोषणा कर दी गई।
आकाश सोनकर के अनुसार गांव के दबंग एवं गैंग संचालक बताए जा रहे चिक्कू तिवारी उर्फ अमित तिवारी और उसके साथियों ने बैठक के दौरान भय का माहौल बनाकर ग्रामीणों पर दबाव बनाया। शिकायत में दावा किया गया है कि संबंधित व्यक्तियों पर पहले से ही गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज है, जिसकी प्रतियां भी जिलाधिकारी को उपलब्ध कराई गई हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दबंगों ने बैठक कक्ष में घुसकर दबाव बनाते हुए अपनी पसंद के व्यक्ति के पक्ष में जबरन सहमति दिलाई। गांव में आरोपियों के भय का आलम यह है कि कोई भी खुलकर विरोध नहीं कर पा रहा है।
प्रार्थी ने जिलाधिकारी से मांग की।
-उचित दर विक्रेता के चयन को तत्काल निरस्त किया जाए।
-ग्रामसभा में दोबारा निष्पक्ष चयन प्रक्रिया कराई जाए।
-अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मिलीभगत की जांच की जाए।
-ग्रामीणों को सुरक्षा प्रदान कर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

ग्रामीणों के हस्ताक्षरों के साथ एफआईआर की प्रतियां भी शिकायत में संलग्न की गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने शीघ्र जांच और कार्रवाई की मांग की है।

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