डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप, कटा हाथ लेकर कमिश्नर ऑफिस पहुंचे 32वीं बटालियन के आईटीबीपी जवान

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फतेहपुर/कानपुर संवाददाता।

फतेहपुर जनपद के हथगाम थाना क्षेत्र के अलीमऊ गांव निवासी एवं आईटीबीपी की 32वीं बटालियन में तैनात जवान विकास सिंह ने निजी अस्पताल के डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शनिवार को पुलिस कमिश्नर कार्यालय का घेराव कर दिया। इस दौरान आईटीबीपी के करीब 100 जवान और 15 से अधिक वाहन व ट्रक परिसर में मौजूद रहे, जिससे पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।

बताया गया कि विकास सिंह वर्तमान में आईटीबीपी महाराजपुर कानपुर में तैनात हैं। वह अपनी मां निर्मला देवी को सांस की तकलीफ होने पर 13 मई की शाम कानपुर स्थित कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती कराने आए थे। आरोप है कि इलाज के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही से उनकी मां के दाहिने हाथ में गंभीर संक्रमण फैल गया, जिसके चलते बाद में हाथ काटना पड़ा।
विकास सिंह के अनुसार भर्ती के करीब 12 घंटे बाद उनकी मां के हाथ में सूजन आ गई थी। जब उन्होंने डॉक्टरों से शिकायत की तो उन्हें आश्वासन दिया गया कि सूजन धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी। हालत बिगड़ने पर साथी जवानों की सलाह पर 14 मई की शाम को मरीज को पारस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने हाथ में गंभीर संक्रमण होने की जानकारी दी। हालत नाजुक होने पर 17 मई को निर्मला देवी का हाथ काटना पड़ा।

पीड़ित जवान ने आरोप लगाया कि मामले की शिकायत लेकर वह लगातार दो दिन तक रेलबाजार पुलिस और एसीपी कार्यालय के चक्कर लगाते रहे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वह अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल एवं अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था डॉ. विपिन कुमार ताडा ने उनसे मुलाकात की।
पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर सीएमओ कार्यालय से जांच रिपोर्ट मांगी गई थी। आरोप है कि सीएमओ द्वारा संभावनाओं के आधार पर रिपोर्ट दी गई, जिससे नाराज आईटीबीपी जवानों ने डॉक्टरों को बचाने का आरोप लगाते हुए दोबारा कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। पुलिस कमिश्नर ने सीएमओ को स्पष्ट दोष निर्धारित कर रिपोर्ट देने और आवश्यक कार्रवाई की संस्तुति करने के निर्देश दिए हैं।

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