256 रन बनाकर भी संतुष्ट नहीं कप्तान सूर्या, बोले-नॉकआउट से पहले बनना होगा और क्लिनिकल

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चेन्नई क्रिकेट
ICC Men’s T20 World Cup 2026 के सुपर-8 चरण में भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे पर शानदार जीत दर्ज कर सेमीफाइनल की उम्मीदों को जिंदा रखा है। गुरुवार (26 फरवरी) को एम.ए. चिदम्बरम स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट पर 256 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
हालांकि 72 रन की बड़ी जीत के बावजूद कप्तान सूर्यकुमार यादव टीम के प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आए। उन्होंने साफ कहा कि नॉकआउट मुकाबलों से पहले टीम को और “क्लिनिकल” और “स्मार्ट क्रिकेट” खेलना होगा।
बल्लेबाजों की दमदार वापसी
साउथ अफ्रीका के खिलाफ सुपर-8 के पहले मैच में मिली हार के बाद भारतीय बल्लेबाजों ने जबरदस्त वापसी की। टॉप ऑर्डर से लेकर नंबर सात तक सभी बल्लेबाजों ने योगदान दिया। कप्तान सूर्या ने मैच के बाद कहा, “हमने लीग स्टेज या पिछले मैच के बारे में ज्यादा नहीं सोचा। हमारे वीडियो एनालिस्ट ने पिछले एक साल के सकारात्मक प्रदर्शन का प्रेजेंटेशन तैयार किया, जिससे टीम को आत्मविश्वास मिला और हम पूरी स्पष्टता के साथ मैदान पर उतरे।”
उन्होंने बल्लेबाजी इकाई को लगभग “संपूर्ण प्रदर्शन” का श्रेय दिया।
गेंदबाजी पर उठे सवाल
लक्ष्य का पीछा करते हुए जिम्बाब्वे की टीम कभी जीत की स्थिति में नहीं दिखी, लेकिन उसने 6 विकेट पर 184 रन बना लिए। छठे गेंदबाज के तौर पर उतरे शिवम दुबे ने दो ओवर में 46 रन खर्च कर दिए, जिसने टीम प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी।
सूर्यकुमार ने कहा,
“हम गेंद से और बेहतर कर सकते थे। जीत अहम है, लेकिन हमें अपने विकल्पों के साथ थोड़ा और स्मार्ट होना होगा। वेस्टइंडीज के खिलाफ हम अपनी गलतियां सुधारेंगे।”
अब वर्चुअल क्वार्टरफाइनल की तैयारी
भारत का अगला मुकाबला 1 मार्च को ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ होगा। इसे टीम इंडिया के लिए ‘वर्चुअल क्वार्टरफाइनल’ माना जा रहा है। इस मैच का परिणाम सेमीफाइनल की तस्वीर काफी हद तक साफ कर देगा।
रजा ने मानी टीम की कमी
जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने हार स्वीकार करते हुए कहा कि बड़ी टीमों को चुनौती देने के लिए उनकी टीम को तीनों विभागों बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग में एक साथ बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
उन्होंने कहा,
“हमारी टीम में कई युवा खिलाड़ी हैं, जो पहली बार वर्ल्ड कप और पहली बार भारत में खेल रहे हैं। यह बहाना नहीं है, लेकिन सीखने का अवसर जरूर है। किसी एक विभाग में कमी रह जाए तो मैच हाथ से निकल जाता है।”
लगातार दूसरे मैच में 250 से अधिक रन गंवाने के बाद जिम्बाब्वे सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गया है। अब वह अपना आखिरी मुकाबला दिल्ली में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेलेगा।
कुल मिलाकर भारत ने बड़े अंतर से जीत तो दर्ज की लेकिन कप्तान की सख्त टिप्पणी यह साफ संकेत देती है कि टीम इंडिया अब केवल जीत नहीं, बल्कि परफेक्ट प्रदर्शन की तलाश में है-क्योंकि नॉकआउट की जरा सी चूक पूरे अभियान पर भारी पड़ सकती है।

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