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फतेहपुर संवाददाता।
गैर जनपद बांदा की मर्का खदानों से निकलने वाले ओवरलोड ट्रकों का संचालन फतेहपुर जिले में धड़ल्ले से जारी है। आरोप है कि प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में ट्रक और ट्रैक्टर रामनगर कौहन पुल से गुजर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों की नजर इन पर नहीं पड़ रही। खनिज विभाग और स्थानीय प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ओवरलोड वाहनों की लगातार आवाजाही से जिले के आधा दर्जन पुल पहले ही जर्जर हो चुके हैं। अब रामनगर कौहन पुल पर भी खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीणों का आरोप है कि रात होते ही असोथर थाने के सामने से ओवरलोड ट्रकों का काफिला गुजरता है और ये वाहन असोथर होते हुए थरियांव हाईवे की ओर निकल जाते हैं। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि इन ओवरलोड वाहनों से न केवल सड़क और पुलों को नुकसान हो रहा है, बल्कि सरकार को राजस्व की भी भारी क्षति पहुंच रही है। रवन्ना में हेराफेरी कर खनन सामग्री की ढुलाई की जा रही है। कार्रवाई के दावे समय-समय पर किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर कोई ठोस परिणाम नजर नहीं आता।
कुछ माह पूर्व एसटीएफ की कार्रवाई के बाद खनन सिंडिकेट की कमर टूटने का दावा किया गया था, लेकिन हालात फिर पहले जैसे होते दिखाई दे रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि कथित मासिक लेन-देन के चलते ओवरलोड ट्रकों के लिए जिले में मानो ‘रेड कार्पेट’ बिछा हुआ है।
अब सवाल उठता है कि आखिर ओवरलोड ट्रकों पर प्रभावी कार्रवाई कब होगी और जिले की सड़कों व पुलों को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन क्या ठोस कदम उठाएगा। आमजन प्रशासन से सख्त कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

