लोहे के पाइप से पिटाई कर छात्रा की हड्डी तोड़ी,शिक्षक पर 323, 325 और जेजे एक्ट में मुकदमा

Spread the love

आपकी खबरें न्यूज,
लतीफपुर थरियांव फतेहपुर।

-होमवर्क का बहाना बनाकर छात्रा की बेरहमी से पिटाई, हाथ की हड्डी टूटी-शिक्षक पर मुकदमा दर्ज।
-स्कूल में क्रूरता: कक्षा 8 की छात्रा को लोहे के पाइप से पीटा, सर्जरी की नौबत।
-फतेहपुर में शिक्षिका पर यातना का आरोप—डीएम के हस्तक्षेप के बाद FIR, शिक्षक निलंबित।
-छोटी सी गलती पर छात्रा को गंभीर चोट-परिजनों का हंगामा, कड़ी कार्रवाई की मांग।
-विद्यालय में बर्बरता: छात्रा की पिटाई का मामला पहुंचा डीएम ऑफिस, जांच के आदेश।
-अध्यापक की पिटाई से छात्रा गंभीर रूप से घायल-ग्रामीण स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल।
-फतेहपुर: छात्रा की पिटाई का मामला तूल पकड़ा, पुलिस की लापरवाही पर परिजनों का दर्द छलका।
-स्कूल में हिंसा का मामला उजागर-बच्ची की सर्जरी जरूरी, प्रशासन सक्रिय।
-ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था फिर सवालों में-शिक्षक द्वारा क्रूर पिटाई से छात्रा गंभीर।

फतेहपुर जनपद के थरियांव थाना क्षेत्र स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय लतीफपुर, शिक्षा क्षेत्र भिटौरा में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। कक्षा 8 की छात्रा नऊसीन को सहायक अध्यापक अरुण कुमार द्वारा होमवर्क पूरा न करने के आरोप में लोहे के पाइप से बेरहमी से पीटने का मामला प्रकाश में आया है। परिजनों के अनुसार, पिटाई इतनी क्रूर थी कि नऊसीन के दाहिने हाथ में गंभीर चोट आ गई। डॉक्टरों ने उसके हाथ में सर्जरी कराने की सलाह दी है और छात्रा को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद परिजन थाने पहुंचे और तहरीर दी, लेकिन कार्रवाई न होने पर उन्होंने डीएम कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। डीएम के निर्देश पर अब आरोपी शिक्षक के खिलाफ धारा 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 325 (स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाना) और बाल न्याय अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
नऊसीन की मां ने भावुक होकर बताया कि बच्ची से होमवर्क में गलती हो गई थी, इतनी सी बात पर लोहे के पाइप से इतनी पिटाई करना किसी भी तरह उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन पर हजारों रुपये खर्च होंगे, लेकिन पुलिस ने पहले उनकी सुनवाई तक नहीं की।
स्कूल प्रशासन ने आरोपी शिक्षक को निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं, डीएम ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
एक हालिया अध्ययन के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों के करीब 65% स्कूलों में ऐसी घटनाएं अब भी सामने आती हैं, जिससे छात्रों की ड्रॉपआउट दर में लगभग 20% तक बढ़ोतरी देखी गई है। नऊसीन के परिजन न केवल आरोपी शिक्षक पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, बल्कि बच्ची के इलाज के लिए मुआवजा और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।

error: Content is protected !!